Friday, April 10, 2026
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सांचौर जैसे महत्वपूर्ण जिलों को समाप्त करना, विकास और सुशासन के रास्ते को अवरुद्ध करने जैसा – पाराशर

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जालोर। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा गहलोत सरकार के समय जनहित में बनाए गए 9 जिलों व 3 संभागों को समाप्त करने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और जनता के हितों पर सीधा प्रहार है। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करता है, बल्कि जनता की उम्मीदों और विकास के सपनों के साथ कुठाराघात है।

भाजपा सरकार द्वारा संभाग एवम जिले निरस्त करने के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जन अभियोग निराकरण समिति पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, अनूपगढ़, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण और सांचौर जैसे महत्वपूर्ण जिलों को समाप्त करना, उन क्षेत्रों के विकास और सुशासन के रास्ते को अवरुद्ध करने जैसा है।

खासतौर पर सांचौर की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि इसे जिला बनाया जाना न केवल जरूरी था, बल्कि क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग थी। सांचौर का बड़ा क्षेत्रफल, दूर-दराज के गांवों की समस्याएं और अन्य क्षेत्रीय मुद्दे इसे जिला बनाए जाने की प्राथमिकता में रखते हैं।अच्छा होता और नए जिले घोषित होते,जिसमे भीनमाल भी होता।

पाराशर ने कहा कि चौंकाने वाली बात यह है कि सांचौर की जनता ने भाजपा पर विश्वास करके उसे चुनाव में जिताया, लेकिन भाजपा ने उसी जनता को धोखा दिया। यह कदम भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

जनता अब भाजपा के इस तानाशाही निर्णय को सहन नहीं करेगी और समय आने पर इसका माकूल जवाब देगी। लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी है, और यह सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

यह निर्णय प्रदेश के विकास को पीछे धकेलने का प्रयास है, और कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को हर मंच पर मजबूती से लड़ेगी। जनता भाजपा को सबक सिखाएगी और उसे यह एहसास करवाएगी कि जनविरोधी नीतियां कभी सफल नहीं हो सकतीं है।

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