◆30 अप्रेल तक आवेदन कर अपात्र लाभार्थी हटा सकेंगे अपना नाम
जालोर 24 अप्रेल। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत चयनित सक्षम व्यक्तियों से नाम पृथक करवाने के लिए 30 अप्रेल तक ‘गिव-अप अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में अब तक 205 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जिला रसद अधिकारी एवं जिला उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 4831 परिवारों एवं 16239 सदस्यों ने अपने नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटवाने के लिए ऑफलाइन आवेदन किए हैं तथा 1333 परिवारों ने अपने नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटवाने के लिए ऑनलाइन विभागीय वेबसाइट से आवेदन किए।
◆इन श्रेणियों के व्यक्ति होंगे अपात्र
विभागीय निर्देशानुसार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे परिवार जिसमें कोई आयकरदाता हो, जिसका कोई सदस्य सरकारी/अर्द्धसरकारी/स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारी-अधिकारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो एवं परिवार में किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रेक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर जो कि जीवकोपार्जन में प्रयुक्त हो), जिसके सभी सदस्यों के स्वामित्व में कुल कृषि भूमि लघु कृषक की निर्धारित सीमा से अधिक हो, ग्रामीण क्षेत्र में 2 हजार वर्गफीट से अधिक स्वयं के रिहायश के लिए निर्मित पक्का मकान हो, नगर परिषद क्षेत्र में 1 हजार वर्ग फीट व नगरपालिका क्षेत्र में 1500 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित पक्का आवासीय/व्यवसायिक परिसरधारी परिवार (कच्ची बस्ती को छोड़कर) निष्कासन सूची में आते है।
◆ ऐसे हटवा सकते हैं अपना नाम
योजना से नाम हटाने के लिए 30 अप्रेल, 2025 तक संबंधित व्यक्ति को अपनी उचित मूल्य दुकान पर जाकर निर्धारित फार्म भरना होगा अथवा विभाग के पोर्टल https://rrcc.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर लाभ का त्याग कर सकते है। इस प्रक्रिया के तहत उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत आने के लिए अयोग्य है और स्वेच्छा से योजना से बाहर हो रहे है।
◆नहीं हटाया नाम तो होगी कार्यवाही
जो व्यक्ति 30 अप्रेल, 2025 तक अपना नाम योजना से नहीं हटाएंगे उनके विरूद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्यवाही की जाएगी। ऐसे व्यक्तियों से उनके द्वारा प्राप्त खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली की जाएगी व आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। यह अधिनियम सख्त दंड और जुर्माने का प्रावधान करता है।
गिव-अप अभियान में नाम नहीं हटाने पर वसूली के लिए अब तक 205 नोटिस किए गए जारी
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