सिरोही – (रमेश टेलर)सिरोड़ी कस्बे में पूज्य संत आशाराम बापू की कृपापात्र साध्वी शिष्या सुशीला बहन का आषाढ़ मास निमित रविवार को सत्संग का आयोजन हुआ|
सुशीला बहन ने सत्संग में कहा कि मनुष्य जीवन बड़ा ही दुर्लभ है। अगर मिल भी जाए तो जीवन मे सत्संग मिलना उससे भी दुर्लभ है। बिना सत्संग के मनुष्य जीवन पशु से भी बदतर हो जाता है, क्योंकि बिनु सत्संग विवेक न होई।
इस दौरान उन्होंने बताया कि साधक की सबसे बड़ी सम्पति है, भगवान में श्रद्धा। जिस प्रकार लोभी मनुष्य आने वाले धन की सुरक्षा करता हैं उसी प्रकार सच्चे शिष्य को गुरुचरणों में श्रद्धा व प्रीति बनाये रखनी चाहिए। जब तक गुरुचरणों व भगवान में श्रद्धा नही होगी तब तक जीवन का कोई सार नहीं हैं। सत्संग मे स्वस्थ, सुखी एवम सम्मानित जीवन जीने की सरल कुंजीया बताई गई।

साधकों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई थी।
