भाद्राजून । निकटवर्ती बाला गांव एरिया में पैंथर की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। संभावित इलाके में पैंथर के पग मार्क देखें ।क्षेत्र में पैंथर के आने की सूचना मिलने पर ग्रामीण डरे-सहमे नजर आ रहे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से सूचना मिलने पर जालौर से वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंच पिंजरा लगाया है।

रेस्क्यू टीम ने बताया कि पिंजरे के साथ एक कुता बांधकर चारों तरफ जाली लगा दी है। कुत्ते की आवाज सुन पैंथर पिंजरे तक आएगा और कुत्ते को पकडऩे का प्रयास करेगा तो पिंजरा बंद हो जाएगा और कुत्ता सुरक्षित रहेगी।इस इलाके में पैंथर पग मार्क के आधार पर फील्ड ऑपरेशन में लग गई। दिन से पैंथर का मूवमेंट नहीं मिलने से तमाम तरह की आशंकाएं उत्पन्न हो रही थी। ऐसे में पग मार्क दिखना अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। अब उनका ज्यादा फोकस बाला के पहाड़ के आसपास है। माना जा रहा है कि इस इलाके में लोगों की आवाजाही कम करने से पैंथर लम्बे समय बाद घने जंगल से बाहर निकला है। भाद्राजून नाका प्रभारी संतोष राठौड़ बताया काफी समय बाद पैंथर के पग मार्क दिखाई देना ऑपरेशन को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक संकेत हैं। उम्मीद है जल्द कामयाबी मिलेगी। जालौर क्षेत्रीय वन अधिकारी भागीरथ सिंह मय स्टाफ व भाद्राजून नाका प्रभारी व जोधपुर रेस्क्यू टीम द्वारा सर्च किया गया। वन विभाग वह ग्रामीणों द्वारा बताया गया अभी तक पालतू मवेशियों को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है इस बीच, ग्रामीण मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए रात को पहरा देने के साथ बच्चों को भी घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सूनसान व एकांत स्थानों पर न जाने की सलाह देते हुए सावधानी बरतने की बात की है
