रक्षाबंधन 19 को, दोपहर एक बजे तक भद्रा का प्रकोप,1:31बजे बाद बांध सकेंगे राखी
आहोर । (सुरेश रोडला)रक्षाबंधन का पर्व इस बार 19अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार भद्रा का साया तो रहेगा, लेकिन दोपहर 1:31तक। इसके बाद दिनभर राखी बांधी जा सकेगी ।इस दिन से पंचक भी लग रहा है। 19अगस्त को सुबह श्रावण नक्षत्र के बाद धनिष्ठा नक्षत्र लगने के कारण यह राज पंचक होंगा और इसे अशुभ नहीं माना जाता है।

पंडित वचना राम गर्ग ने बताया कि भद्रा काल में उपकर्म किया जा सकता है । इस पर रोक नहीं रहती।इस दिन ऋग्वेदी , यजुर्वेदी ब्राह्मण उपाकर्म करेंगे। दोपहर 1बजे तक भद्रा का प्रभाव रहेगा।इस दिन श्रवण नक्षत्र , पुर्णिमा और सोमवार होने से सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। साथ ही व्रत पुर्णिमा भी इसी दिन रहेगी। तिथि,बार,योग,करण और नक्षत्र मिलकर पंचांग बनाया जाता है।
◆ पापों के प्रायश्चित के लिए दशविध स्नान-
इस दिन ब्राह्मण वर्ग वर्ष पर्यन्त किए गए पापों के प्रायश्चित के लिए दशविध स्नान, नूतन यज्ञोपवीत धारण और श्रावणी कर्म करेंगे।इस दिन सिर्फ बहने ही नहीं अपितु गुरु, शिष्य भी परस्पर रक्षा के भाव से रक्षा सूत्र का बंधन करते हैंं।
◆ यह रहेगा योग:-
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग व रवि योग भी रहेंगे।यह योग भद्रा काल में होने से अधिक प्रभावी नहीं रहेंगे । सर्वार्थ सिद्धि सुबह 5:53से 8:10 बजे तक रहेगा।रवि योग सुबह 5:53से 8:10बजे तक रहेगा। रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र, पुर्णिमा और सोमवार होने से सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा हैं। साथ ही व्रत की पुर्णिमा भी इस दिन की महत्ता और बढ़ाएगी। वहीं ज्योतिष में होलिका दहन व रक्षाबंधन का पर्व भद्रा में मनाना निषेध माना गया है।
