भाद्राजून । कस्बे से संतजनोंं ने जयकारों के बीच प्रयागराज महाकुंभ के लिए शुक्रवार सुबह प्रस्थान किया। संतों के वाहनों को श्रीराम सर्किल से स्थानीय ग्रामीणों ने गाजेबाजे के साथ विदा किया। महामंडलेश्वर संतोष भारती महाराज जूना अखाड़ा वाराणसी ने बताया कि कुंभ में एक माह का प्रवास होगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रयागराज में 12 साल के अंतराल में होने वाला कुंभ भव्यता से मनाया जाएगा। इस प्राचीन धर्म परंपरा की सुगंध विदेशों तक जाएगी। देश के प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने इस कुंभ को और अधिक भव्यता प्रदान की है। महामंडलेश्वर ने कहा कि कुंभ में 144 साल के बाद महास्नान पर्व आया है। यह इसलिए विशेष है कि स्नान पर्व पर अमावस्या तिथि है। जो कि कई दशक के बाद आई है। इस महास्नान करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दौरान थांवला महंत सुखदेव भारती महाराज, महंत रमेश भारती महाराज शाणेश्वर मठ, थानापति रामानन्द भारती जूना अखाड़ा ने कहा की संत-महंत प्रयाग महाकुंभ में एक माह 13 जनवरी से 12 फरवरी तक प्रवास करेंगे। इसमें संत, महंत अपनी धर्म परंपराओं का निर्वाह करने के साथ ही साधना की जाएगी।
