दिशाहीन, लक्ष्यहींन, दृष्टिहीन बजट – संयम लोढ़ा
सिरोही । राजस्थान प्रदेश की उप मुख्य मंत्री दिया कुमारी द्वारा पेश किया गया बजट दिशाहीन, लक्ष्यहीन एवं दृष्टिहीन बजट हैं। राज्य सरकार के दूसरे बजट में लगातार सिरोही जिले की अनदेखी हुई हैं। बजट में प्रदेश की जनता को बेरोजगारी, महंगाई से राहत दिलाने का ना लक्ष्य है ना विजन है। इन्वेस्टर समिट के नाम पर नरेंद्र मोदी को बुलवाकर उद्योगपतियों को सपने दिखाए गए लेकिन बजट में उद्योगों को राहत देने की कोई घोषणा नहीं है कोई योजना नहीं है जिससे देश प्रदेश के उद्योगपतियों में निराशा की लहर है। प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट हो रही है आए दिन अपराध के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं प्रदेश अपराध नगरी बनता जा रहा है अपराध पर नियंत्रण की कोई योजना बजट में नहीं है ।
इससे पूर्व कांग्रेस की सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा आम जनता को विभिन्न योजनाओं में दी जा रही राहत पर भी कैंची चला दी है मुफ्त बिजली की घोषणा के साथ सोलर से बिजली मुफ्त मिलने की शर्त से प्रदेश की अधिकांश जनता को मुफ्त बिजली से वंचित होना पड़ेगा । गहलोत सरकार की शहरी गरीबों को रोजगार देने की गारंटी योजना का बजट नहीं बढ़ाया गया जिससे शहर में रोजगार गारंटी योजना बंद होने की कगार पर है ।
प्रदेश की भोली भाली जनता को सपने दिखाकर गुमराह कर सत्ता में बैठी भाजपा ने गरीब एवं मध्यम वर्गीय जनता से मुंह मोड़ लिया है महंगाई पर नियंत्रण एवं आम जनता को राहत की कोई दिशा इस बजट में नहीं दिख रही है।
सरकार ने संविदाकर्मियों को नियमित करने का वादा किया था लेकिन संविदाकर्मियों को नियमित करने की कोई घोषणा नहीं कर संविदाकर्मियों के सपनों पर एक बार फिर पानी फेर दिया।
◆ पेट्रोल डीजल पर वेट की समीक्षा
का चुनाव में वादा किया था लेकिन गुजरात से ज्यादा टैक्स राजस्थान में हैं। गुजरात की सीमा पर मंडार और आबूरोड में पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं। बजरी पर लूट मची हुई हैं पर बजट में इसका कोई समाधान नहीं हैं। – संयम लोढ़ा, पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार
