सिरोही। भीषण गर्मी, मौसमी बीमारियाँ, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में अतिरिक्त निदेशक डॉ सुशील कुमार परमार के निर्देशन में 8 मई को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश खराड़ी सहित समस्त ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (बीसीएमओ) के साथ जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आगामी हीट वेव एवं मौसमी बीमारियों की संभावनाओं के मद्देनज़र चिकित्सा संस्थानों में पूर्व तैयारी, दवाओं की उपलब्धता, ओआरएस स्टॉक, पेयजल व्यवस्था, एम्बुलेंस सेवाएँ और बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण व्यवस्था की समीक्षा की गई। डॉ. परमार ने सभी बीसीएमओ को निर्देश दिए कि अस्पतालों में शीतल पेयजल, जीवन रक्षक दवाएँ और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

◆ तीन दिन चल रहा है निरीक्षण का सिलसिला
बैठक से पूर्व 7 मई को डॉ. परमार ने सीएचसी कृष्णगंज,पीएचसी वेलानगरी एवं जिला अस्पताल शिवगंज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। 8 मई को जिला अस्पताल सिरोही, उप जिला अस्पताल आबूरोड, सीएचसी स्वरूपगंज एवं पीएचसी वीरवाड़ा का निरीक्षण किया गया। वहीं, 9 मई को निरीक्षण अभियान को आगे बढ़ाते हुए सीएचसी आनादरा, सीएचसी सिरोड़ी, सीएचसी रेवदर, पीएचसी भटाना, पीएचसी चनार, पीएचसी सनवाड़ा एवं सब सेंटर मेथीपुरा का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. परमार ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, दवा वितरण व्यवस्था, ओपीडी की स्थिति एवं हीट वेव से बचाव के लिए किए गए प्रबंधों की गहन समीक्षा की।
◆ आपातकालीन स्थिति में सतर्क रहने के निर्देश
डॉ. परमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु स्टाफ को अलर्ट रखा जाए। किसी भी स्थिति में दवाओं, जीवन रक्षक उपकरणों और एम्बुलेंस सेवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।
अंत में डॉ. परमार ने कहा कि विभाग हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है और जिले के नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु सभी स्तरों पर सतर्कता बरती जा रही है।
