Sunday, May 3, 2026
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आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन के लिए लडाई लडी थी, बिमारी से लडने की ताकत बिरसा मुंडा ने दी – संयम लोढ़ा

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बाबा रामदेव मंदिर की तीन दिवसीय प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित

सिरोही – (रमेश टेलर)पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढा ने कहां कि भील समाज का गौरवशाली इतिहास है। भारत भूमि पर भील समाज के बहुत उपकार है। 24 साल की उम्र में बिरसा मुंडा अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन के लिए लडाई लडी थी, बिमारी से लडने की ताकत बिरसा मुंडा ने दी। जेल में बंद हुए, उन्होंने कोई बडा अपराध नही किया था। अंग्रेजो को बिरसा मुंडा से डर था कि यह अगर बाहर निकलेगे तो फिर से लोगो को जागृत करेगे, उनके हक की लडाई लडेंगे, उनके साथ खडे रहेंगे तो उन्होंने पानी में जहर मिलाकर दे दिया। बिरसा मुंडा पूरे देश के आदर्श है, प्रेरणा स्त्रोत्र, स्वाधिनता संग्राम के महान नेता है।


लोढ़ा मेरमांडवाडा में भील समाज 24 गांव की ओर से में बाबा रामदेव मंदिर की तीन दिवसीय प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

लोढ़ा ने कहा कि राणा पूंजा भील की प्रतिमा लगाई, जावाल में सर्कल बनाया, हम उनका स्मरण कर रहे है। महाराणा प्रताप की सेना व अकबर की सेना के बीच लडाई हुई तो हकीम खान सूरी व राणा पूंजा भील ने उस रणभूमि में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाया।
लोढ़ा ने कहां कि जैसा हम अपने बच्चो के साथ व्यवहार करेगे हमारे बच्चे भी दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करेगे। भील समाज को छात्रावास के लिए जमीन आवंटित करवाई, रेवदर में भी निःशुल्क जमीन आवंटित करवाई।
समाज द्वारा जहां भी सभा भवन बनाने की मांग की गई है चाहे वह वाडेली, वाण, पालडी, आलपा जहां भी कहां वहां सभा भवन बनवाया है।

इस अवसर पर 24 परगना भील समाज के पांच अध्यक्ष कालूराम राणा, अमराराम, राणा, टीना राणा, बाबा रामदेव मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष भैराराम राणा, कार्यक्रम संचालक प्रकाश राणा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहन सीरवी, गणपत सिंह वेलांगरी, किशोर सिंह जेला, सिलदर मंडल अध्यक्ष रतन सिंह देवड़ा सहित कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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