जालोर / (टीकम पाल ) जालोर जिले के रानीवाड़ा उपखंड क्षेत्र के आखराड़ गांव में गुरुवार को हुई 11 बंदरों की मौत का मामला रहस्य बना हुआ है। अब विभागीय टीम की ओर से वास्तविकता के पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार पंचेरी गांव में कुछ बन्दर उत्पात मचा रहे थे, इसको लेकर किसी ने बंदरों को पकड़ने के लिए जोधपुर से एक टीम बुलाई। टीम की ओर से एक पिंजरे में बंदरों को पकड़ कर बन्द किया गया। बताया जा रहा है कि पिंजरे की क्षमता दस बन्दर भरने की थी, लेकिन टीम ने लापरवाही दिखाते हुए पिंजरे में करीब चालीस से अधिक बंदरों को भर दिया और दूर नदी क्षेत्र आखराड़ में ले जाकर छोड़ा। इस अवधि में क्षमता से अधिक बन्दर पिंजरे में भरने से कई बन्दरो का दम घुट गया, जैसे ही नदी में छोड़कर लौटे तो कुछ बंदरों की मौत हो गई, संक्रमण फैलने की आशंका के चलते टीम ने मृत बन्दरो को दफना दिया। बदबू फैली तो लोगों ने विरोध जताया। इसकी सूचना पर क्षेत्रीय वन अधिकारी मनोहर खां व थानाधिकारी दीप सिंह चौहान व सरपंच प्रतिनिधि राकेश कुमार राणा सहित अन्य ग्रामीणजन मौके पर पहुंचे। कुछ लोगों का कहना है कि दम घुटने से मौत हुई वहीं कइयों का आरोप है कि बंदरों को कोई विषाक्त खिलाकर बंदरों को जानबूझकर मारा गया है। वन्य जीव प्रेमी लोगों ने आक्रोश जताया तब विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दफनाए हुए बंदरों के शवों को निकालकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
