तखतगढ़(पाली)। कस्बे के स्वामी विवेकानंद बस स्टेण्ड की चारदीवारी की गैलेरी पेंटिंग मारवाड़ की संस्कृति से रू ब रू करवा रही है। न्यू लुक में दिखने वाली पेंटिंग में प्राकृतिक सौंदर्य, आम आदमी के मनोभाव और जानवरों की मनमोहक पेंटिंग ने दर्शकों को प्रभावित किया। कैनवास, चारकोल, पेंसिल वर्क, वाटर कलर से सजे प्राकृतिक सौंदर्य एवं मारवाड़ के ग्राम्य संस्कृति की पेंटिंग देखने के लिए कलाप्रेमी काफी खुश दिख रहे है।


–बालिका स्कूल सहित अन्य स्कूलों की पेंटिग से सजेगी दीवारें-जानकरी के अनुसार नगरपालिका क्षेत्र के संघवी मंगीबाई राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं संघवी केसरी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की चारदीवारी भी आदर्श महापुरूषों के चित्रों से खिलेगे।

क्या है पेंटिंग – पेंटिंग न केवल मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार करती है, बल्कि यह आपकी भावनात्मक बुद्धिमत्ता और भावनात्मक विकास में भी मदद करती है। छवियां उन चीजों को संप्रेषित और अभिव्यक्त कर सकती हैं जिन्हें हमारे शब्द और विचार पकड़ नहीं पाते हैं। कई कलाकार अपने काम का उपयोग आत्म-अन्वेषण और प्रतिबिंब के रूप में करते हैं। सामान्य तौर पर विषय को कला के एक टुकड़े में क्या के रूप में सोचा जा सकता है। विषय, फोकस, या छवि। कला के सबसे आम विषयों में लोग (चित्रण), वस्तुओं की व्यवस्था (अभी भी जीवन), प्राकृतिक दुनिया (परिदृश्य), और अमूर्तता (गैर-उद्देश्य) शामिल हैं।
