बुधवार और चतुर्थी का संयोग भी बना
तखतगढ़(पाली)।बुधवार को कस्बे सहित आस पास के ग्रामीण इलाके की सुहागिनों ने करवा चौथ का व्रत रखा है। करवा चौथ का चांद दिखाई दे गया है। ज्योतिषियों का कहना है कि आज के ग्रह-नक्षत्र सर्वार्थसिद्धि, सुमुख, अमृत और कुलदीपक योग बना रहे हैं। करवा चौथ पर ऐसा चतुर्महायोग पिछले 100 साल में नहीं बना। बुधवार और चतुर्थी का संयोग भी बन रहा है। इस तिथि और वार, दोनों के देवता गणेश जी ही हैं। इन शुभ संयोग और ग्रह स्थिति से व्रत का पुण्य और बढ़ जाएगा। करवा चौथ व्रत के दिन करवा माता की पूजा के बाद व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद के दीदार का इंतजार रहता है। सुहागिन महिलाएं दिनभर बिना अन्न और जल के उपवास रखा हैं। चांद देखने के बाद ही सुहागिनें व्रत तोड़ा। हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है।
अटूट बंधन का प्रतीक है करवा चौथ-करवाचौथ को लेकर महिलाएं बेहद उत्साहित दिखीं। यह व्रत सुहागिनों के लिए बहुत खास होता है। नवविवाहित महिलाओं ने खास तरीके से इस त्योहार को एन्जॉय करने की तैयारी कर रखी थीं। नवविवाहित जोड़ों ने नगर के बाजार में खुद खरीददारी की। करवा चौथ भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के अटूट बंधन एवं समर्पण का प्रतीक है। सुहागिनों को पूरे वर्ष इस त्योहार की प्रतीक्षा रहती है। जिन नवविवाहिताओं का पहला करवा चौथ है, वह पर्व को लेकर काफी उत्साहित रही हैं।
