Saturday, January 31, 2026
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डॉ. भीमराव अंबेडकर बालिका आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आरोप , अभिभावक ने कटवाई टी.सी.

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जालौर । सरकार ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई आवासीय विद्यालय संचालित किए है मगर आवासीय विद्यालय के व्यवस्थाओ के अभाव में बालिकाओ के अभिभावक टीसी कटवाने पर मजबूर है। ऐसा ही मामला जालोर जिले के आहोर उपखंड क्षेत्र के डॉ भीमराव अंबेडकर राजकीय बालिका आवासीय विद्यालय भैसवाड़ा का सामने आया है। अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए बताया कि इन दिनों माहौल कुछ ठीक नहीं बताया जा रहा है। यहां अध्ययनरत बालिकाओं को कई प्रकार की समस्या देखने को मिल रही हैं ऐसे ही आरोप लगाते हुए एक अभिभावक ने हाल ही में अपनी बेटी की टीसी आवासीय विद्यालय से कटवा ली है। साथ ही इसकी शिकायत आहोर उपखंड अधिकारी, जालोर जिला कलेक्टर व निदेशक सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग को भेजी है। जिसमें आवासीय विद्यालय में माहौल व व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। जो बेहद चिंताजनक है।
दरअसल , कानिवाड़ा निवासी सीमा पत्नी अशोक गर्ग ने जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र भेजकर बताया कि उनकी बेटी परिणीती गर्ग पुत्री अशोक गर्ग निवासी कानीवाडा जालोर का मेरिट स्तर से चयन राजकीय बालिका आवासीय विद्यालय भैसवाड़ा में वर्ष 2024-25 में कक्षा 6 में हुआ था।
सीमा ने बताया कि विद्यालय में माहौल ठीक नहीं है। उनकी बच्ची कुछ ही दिनों में बीमार हो गई। उनकी बेटी ने तो उन्हें वास्तविकता बता दी, जिस लेकिन कई बेटियां अपने अभिभावकों को बता नहीं पाती, वे अंदर ही अंदर परेशानी झेल रही है। उनकी बेटी कई दिन बीमार रही। जिस कारण उन्होंने टीसी कटवा ली है। सीमा ने छात्राओं के भविष्य, अच्छी गुणवता युक्त शिक्षा, रहन सहन, जीवन शैली के मापदंडों का ख्याल रखना आवश्यक है, अन्यथा छात्राएं गम्भीर बीमारियों से ग्रसित हो सकती है
बताया कि आवासीय विद्यालय में छात्राओं को सुविधाएँ यथा शौचालय में गंदगी, स्नानाघर में स्नान हेतु सुविधा नहीं है। पानी की निकासी नहीं रहने से दूषित वातावरण बना हुआ है। भोजन भी गुणवत्तापूर्ण नहीं दिया जा रहा है। छात्राएं गम्भीर बीमारियों से ग्रसित होने की आशंका को देखते हुए अभिभावक के नाते में बच्ची को हताश होकर अन्य विद्यालय में प्रवेश दिलवा रही हूं। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि बच्चों के प्रति अव्यवहार, निरन्तर देखभाल में कमी महिला अभिभावक को आवासीय केम्प में प्रवेश निषेध वार्डन/अध्यक्ष की हठधर्मिता के कारण अभिभावक परेशान है।

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