Saturday, January 31, 2026
Homeधार्मिकभागवत कथा में श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का वर्णन

भागवत कथा में श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का वर्णन

- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

भाद्राजून ।  कस्बे के सरस्वती शिक्षण संस्थान भाद्राजून में चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान गंगा यज्ञ में बुधवार को उधव चरित्र, महारासलीला व रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया। कथावाचक ने रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुऐ कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी को द्वारका में लाकर उनका विधिपूर्वक पाणिग्रहण किया। मौके पर आयोजक मंडली की ओर से आकर्षक वेश-भूषा में श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह की झांकी प्रस्तुत कर विवाह संस्कार की रस्मों को पूरा किया गया। कथा के साथ-साथ भजन संगीत भी प्रस्तुत किया गया। अपने वचन को पूरा करने के लिए भगवान ने महारास का आयोजन किया। इसके लिए शरद पूर्णिमा की रात को यमुना तट पर गोपियों को मिलने के लिए कहा गया। सभी गोपियां सज-धजकर नियत समय पर यमुना तट पर पहुंच गईं। कृष्ण की बांसुरी की धुन सुनकर सभी गोपियां अपनी सुध-बुध खोकर कृष्ण के पास पहुंच गईं। उन सभी गोपियों के मन में कृष्ण के नजदीक जाने, उनसे प्रेम करने का भाव तो जागा, लेकिन यह पूरी तरह वासना रहित था। इस सात दिवसीय भागवत कथा का सफल संचालन के लिए आयोजक सरस्वती शिक्षण संस्थान भाद्राजून के सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।

- Advertisement -
अन्य खबरे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

यह भी पढ़े