◆सजने लगे रंग बिरंगे शामियाने, निमन्त्रण पत्रिकाएं की जा रही है वितरण
◆हजारो की संख्यां में श्रद्धालू लेंगे भाग
सिरोही- (रमेश टेलर) जावाल में श्री साँचीयाव माता व श्री नीलकंठ महादेव के वार्षिकोत्सव के तीन दिवस्य आयोजन का 7 जून की रात्रि में भजन संध्या से शुरुआत होगी।
श्री साँचीयाव माताजी व श्री नीलकंठ महादेव के तीन दिवस्य महोस्त्व को ले कर शामियाने सझने लगे हैं। जिसमे भक्ति संध्या, भोजन प्रसादी, विशाल रसोड़े समेत मंदिरों में रंग बिरंगे टेंट लगाये जा रहा हैं।
7 जून से शरू होने वाले वार्षिकोत्सव की तेयांरियो में लगे कार्यकर्ताओ में काफी उत्साह नजर आ रहा है। साथ ही कार्यकर्ता आसपास के गांवों में जा कर निमंत्रण पत्रिकाओं का वितरण कर रहे हैं। श्री चामुंडा गरबा मंडल के वरिष्ठ नारायण लाल सुथार ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जावाल के श्री साँचीयाव माता मंदिर का बिसवा व श्री नीलकंठ महादेव मंदिर का चोहदवा वार्षिकोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि महोस्त्व को ले कर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जायेगी, सुथार ने बताया कि तीन दिवस्य वार्षिकोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भव्य शोभायात्रा व रात्रि में अलग अलग कलाकारों द्वारा भक्ति संध्या का आयोजन होगा। जिसमे 9 जून को वार्षिकोत्सव के दिन दोनो मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना, महाभोग, महाआरती के बाद अमर ध्वजा के लाभार्थी परिवार द्वारा ध्वजारोहण किया जायेग उसके बाद महाप्रसाद (फले सुनरी) शरू होगी जिसमें जावाल समेत आसपास क्षेत्र से आये हजारो की संख्यां में श्रद्धालु पांडालों में बैठ कर भोजन प्रसाद ग्रहण करेंगे, जिस की पूरी व्यवस्था कार्यकर्ता खड़े पांव रह कर निभाते है।
◆ मेले के लाभार्थी परिवार का होगा बहुमान
वार्षिकोत्सव के अंतिम दिन रात्रि में भजन संध्या के दौरान मेले लाभार्थी फैंसी देवी w/o फूला रामजी सेन (जावाल) हाल हरजी, परिवार का ठाकुर रामवीरसिंह देवड़ा के साथ ग्रामवासियो द्वारा फुलमाला व साफा पहना कर बहुमान किया जायेगा।
◆महाप्रसादी के दिन जावाल के घरो में नही बनता भोजन
जावाल में वार्षिकोत्सव के दिन पूरे गांव में लोग अपने घरों में रसोई नही बना कर सभी ग्राम वासी पांडालों में बैठ कर भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं।
◆ मनोरंजन के लिए मेले में लगते है झूले
श्री साँचीयाव माता व श्री नीलकंठ महादेव के वार्षिकोत्सव के दोरान करीब 24 बिगा भूमि में मेला लगता है। जिसमे रसोई घर,भोजन प्रसादी के लिए पांडल, भक्ति संध्या के पांडल के साथ मेले में मनोरंजन के लिए झूले लागाये जाते हैं। मंडल के वरिष्ठ नारायण लाल सुथार ने बताया कि माँ भगवती श्री साँचीयाव माता व श्री नीलकंठ महादेव की श्रद्धालुओं में इतनी श्रद्धा और विश्वास है कि 2031 तक के मेले के लाभार्थियों ने अपने नाम बुक करवा लिए हैं।
