मांगलिक गीतो के बोले : म्हारा सासुजी समन्दरियो हिलोरा खाय ” भादरवो झकोला खाय
बलाना गांव में 51 साल बाद हुआ ऐतिहासिक समुंदर मंथन, उमड़ा जनसैला
तखतगढ़। बलाना गांव में शुक्रवार को ठेठ ग्राम्य संस्कृति की अनोखी झलकी देखने को मिली ।
अवसर था 51साल बाद आयोजित समुंद्र मंथन का इसमें 1351 महिलाओ के समुन्दर मंथन में हजारो की संख्या में जन सैलाब उमड़ा।कार्यक्रम अनुसार समुंद्र मंथन में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम दिखा।इस अवसर पर गांव के 21घाटों पर 1351 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में चामुंडा माताजी की पूजा-अर्चना की। पंडित गौरीशंकर के सानिध्य में तालाब पर विधिवत मटको की पूजा अर्चना कर सुरेन्द्र कंवर ने तालाब पूजन संपन्न करवाया।
इसके पश्चात विभिन्नसमाजबंधुओं ने क्रमबद्ध रूप से समुद्र मंथन की रस्म निभाते हुए भाई-बहनों को जल पिलाया तथा प्राचीन इतिहास की यादें ताजा कीं। समुद्र मंथन की इस परंपरा में सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला।
आयोजन में मुहूर्त केलदौरान भरतसिंह- सुरेन्द्र कंवर की विशेष उपस्थिति रही। अनुमानित 55 से 60 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस अद्वितीय आयोजन को भव्यता प्रदान की।
गौरतलब है कि यह समुंद्र मंथन का आयोजन 51 वर्षों बाद पुनः संपन्न हुआ, जिससे ग्रामीणों में उत्साह और उल्लास का विशेष वातावरण बना।
