जीवाणा । के आलवाड़ा गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 2 साल से शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो रही है। बार-बार जिला शिक्षा अधिकारी व शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को ज्ञापन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इससे सोमवार को स्टूडेंट्स और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। और स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना प्रदर्शन पर उतर गए। विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग के आरपी सुरेशचंद्र बेनीवाल , उप तहसीलदार हुकमसिंह , पुलिस हेडकॉस्टेबल पब्बाराम , कांस्टेबल मोहित कुमार मौके पर पहुंचकर ग्रामीणो व विद्यार्थियों को समझाईस का प्रयास किया लेकिन विद्यार्थियों ने शिक्षकों की मांग पूरी नही होने तक विरोध जारी रखते की चेतावनी दी। जिस पर आलाधिकारियों से वार्तालाप कर तालियाना , जालमपुरा , तिलोड़ा , खेतलावास पीईईओ क्षेत्र की स्कूलों से एक एक अध्यापक को कार्य व्यवस्थार्थ आदेश जारी करने पर धरना प्रदर्शन खत्म किया।
छात्र की अपेक्षा छात्राए अधिक – इस विद्यालय में छात्रो की अपेक्षाकृत छात्राओं की संख्या अधिक है। स्कूल के 260 से अधिक छात्र-छात्राएं व ग्रामीण स्कूल गेट पर ताला लगाकर स्कूल के आगे धरने पर बैठ गये।
8 में से 5 पद खाली, पढ़ाई हो रही बाधित –
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की स्कूल में पिछले 2 साल से शिक्षक के पद रिक्त चल रहे है। वही स्कूल में शिक्षकों के कुल 8 पद है जिसमें सिर्फ 3 पद पर ही शिक्षक कार्यरत है जिससे कुल 5 पद पिछले 2 साल से रिक्त चल रहे है। जिससे विद्यार्थियों की पढाई भी नहीं हो पा रही है।
इसको लेकर सरपंच, विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने कई बार जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर अवगत कराया तथा करीब 4 माह पहले जालोर आए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी ज्ञापन देकर ग्रामीणों ने रिक्त पदों के बारे में अवगत कराया था। जिस पर उन्होंने जल्दी समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन आज दिन तक कोई कार्रवाई नही होने के चलते विरोध प्रदर्शन किया।
इनको लगाया कार्य व्यवस्थार्थ –
शिक्षकों की कमी पर आलवाड़ा के राजकीय विद्यायल में आस पास के पीईईओ क्षेत्र के शिक्षको को लगाया गया। जिसमें राउप्रावि खेतलावास नारवाड़ा केशिक्षक नवजोतसिंह , राप्रावि चौधरीयों की बेरी आकवा के शिक्षक फरसाराम , राउप्रावि केरली नाड़ी दहिवा के शिक्षक प्रमोद कुमार , राउप्रावि भादरवा बेरा तिलोड़ा के शिक्षक रामरस गुर्जर को आलवाड़ा लगाया गया।
