◆ जब तब जांच पूर्ण ना हो तब तक खनन बंद हो
◆ जांच में संघर्ष समिति के प्रतिनिधि रखे साथ
सिरोही – (रमेश टेलर) सिरोही तहसील क्षेत्र में गुजरने वाली कर्षणावती नदी में ठेकेदार द्वारा नियमों को विरुद भारी मात्रा में हो रहे खनन पर रोक लगाने को लेकर फिर कर्षणावती संघर्ष समिति ने जिला कलेक्टर समेत जिलाधिकारीओ को ज्ञापन सौपा।

ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार द्वारा आवंटित बजरी खनन में ठेकेदार द्वारा भारी मात्रा में अनियमितता बरती जा रही है। पूर्व में धरना प्रदर्शन के दौरान उपखंड अधिकारी सिरोही ने धरनार्थियों को आस्वासन दिया था कि जब तक जांच तक प्रकिया पूरी नही होगी तब तक खनन कार्य प्रारंभ नही होगा । लेकिन अभी तक जांच पूरी नही हुई है तो भी ठेकेदार द्वारा भारी मात्रा में खनन शुरू कर दिया गया है। जिसे तुरन्त प्रभाव से रोका जावे। ज्ञापन में बताया कि
खनन विभाग के नियमानुसार जितना खनन होना चाहिए उससे ज्यादा खनन एवं स्टॉक किया जा रहा है। साथ ही खनन धारक द्वारा खनन पट्टा क्षेत्र में आने वाले वाले खसरों के बाहर भी खनन कार्य किया जा रहा है । जिसकी जांच खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा जानबूझ कर नही की जा रही है।
◆नदी में कई जगह सपाट मैदान जैसी स्थिति
ज्ञापन में बताया कि खनन विभाग के नियमानुसार नदी की सतह पर मिट्टी से ऊपर डेढ़ मीटर बजरी छोड़नी होती है जिसका पूरी कर्षणावती नदी में घोर उल्लघंन किय्या जा रहा है । कही जगह तो सपाट मैदान जैसी स्थिति बन गई है । वही जिन स्थानों पर बजरी खनन कार्य किया जा चुका है कि उन स्थानों में नदी में ही उपलब्ध भराव से ही समतल करके पाट दिया जावे।
◆ खनन कर्ता ने नही किया वृक्षारोपण
ज्ञापन में बताया कि ठेकेदार द्वारा इस तरह भारी मात्रा में खनन कार्य किया जा रहा है कि पुनः आसपास क्षेत्र में वृक्षारोपण पनप न सके ना ही ठेकेदार द्वारा कही भी पौधारोपण किया गया है।
◆जांच के दोरान संघर्ष समिति के प्रतिनिधिओ को रखे साथ
ज्ञापन में बताया कि जब भी खनन विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच की जाये तब संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल को साथ रखा जाये।
ठेकेदार द्वारा बिना रवाना के ही आज तक लाखो टन बजरी का परिवहन किया गया है। जिसकी भी सम्पूर्ण निष्पक्ष जांच की जावे।
