◆मवेशियों से पौधों को नुक़सान का खतरा, विद्यालय की दीवार व तारबंदी नहीं होने से मवेशी चट करने लगे पौधे
आहोर । (सुरेश गर्ग रोडला)उपखंण्ड क्षैत्र के ग्राम गुडाइन्द्रपुरा का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय विद्यालय की स्थिति बारिश के दिनों में विकट समस्या बनी हुई है। राजकीय विद्यालय के अधिकांश कक्षा-कक्षों की स्थिति जर्जर अवस्था में कक्षा-कक्ष होने से विद्यार्थियों को बैठने की समस्या बनी हुई है। विद्यालय के मात्र दो चार कक्षाओं को छोड़कर शेष कक्षा-कक्षों में बारिश के दिनों में पानी के टपकने व रिसाव से हमेशा खतरा बना हुआ रहता है। पुर्व में बिफरजाय तुफान की त्रासदी से विद्यालय का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त व दीवार ढहने की समस्या से विद्यालय की विकट परिस्थितियों बनी हुई थी वहीं विद्यालय का चहुंमुखी विकास नहीं होने से यहां नामांकन में भी पुर्व की अपेक्षा कमी हुई है। वहीं वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की कड़ी में बड़े स्तर पर चलाए जा रहे पोधारोपण अभियान में बड़ी खामी है। पौधारोपण में पौधों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार व तारबंदी नहीं होने से विद्यालय में विशेष अभियान के तहत ग्राम पंचायत, विद्यालय प्रशासन द्वारा लगाए गए पौधों को मवेशी चट करने में लगे हुए हैं। वहीं विद्यालय परिसर व गलैरी में मवेशियों की अधिकता होने से लगाए गए पौधों में से अधिकांश पौधों को मवेशियों ने नष्ट कर दिया है। विद्यालय प्रशासन ने जानकारी बताया कि सुरक्षा दीवार नहीं होने से लगाए गए पौधों में से ज्यादातर को मवेशी खा गए।

समाचार पत्र ने चेताया सुरक्षा की कमी :- लापरवाही का पौधारोपण –
पौधारोपण के इस महाअभियान मे केवल पौधारोपण की संख्या दिखाने का काम किया गया है। झूठी वाहवाही लूटने के चक्कर प्रशासन यह बात भूल गया है कि पौधों को लगाने से कई ज्यादा जरूरी लगाए गए पौधों की सुरक्षा का विषय है। यह मसला इसलिए भी अहम है कि सुरक्षा दीवार या तारबंदी के अभाव में कैसे होगी पौधों की सुरक्षा? इसलिए बिफरजाय तुफान के समय विद्यालय की स्थिति विकट बनी हुई थी ऐसे में प्रशासन को विद्यालय के चहुंमुखी विकास के लिए जरूरी कदम उठाए जाने भी आवश्यक है।
