सिरोही -( रमेश टेलर)सिरोही जिले के सिरोही तहसील क्षेत्र में बह रही कृष्णावती नदी में राज्य सरकार द्वारा आवंटित बजरी खनन लीज को निरस्त करने को लेकर कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के बैनर तले जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा । ज्ञापन में बताया कि कुछ महीनो पहले जेसीबी द्वारा मशीनों द्वारा खुदाई की जा रही थी और यह बजरी शेखावाटी क्षेत्र महाराष्ट्र गुजरात सहित बाहरी राज्यों में बड़े-बड़े वाहनों द्वारा भेजी जा रही थी । इस समस्या को लेकर जावाल व आसपास के दर्जनों गांव के नागरिकों द्वारा जावाल में करीब हफ्ते भर तक हजारों लोगों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया था । इस दरम्यान 22 गांवों के नागरिकों द्वारा अपने व्यवसाय प्रतिष्ठान बंद रखे गए एवं दिहाडी मजदूरों व किसानों द्वारा विरोध स्वरुप अपने कार्य को बंद रखा गया । क्षेत्र वासियों की मांग पर धरना स्तर पर राजस्थान सरकार के प्रतिनिधि के रूप में राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुंबाराम चौधरी ,जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित धरना स्थल पहुँचे थे । उस दौरान क्षेत्रवाचियो को आश्वस्त किया था कि आपकी मांगो को मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा । और क्षेत्र वाचियो के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जिसके फल स्वरुप कृष्णावती नदी संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पर राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुंबाराम चौधरी तत्कालीन महिला प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में सिरोही भाजपा जिला अध्यक्ष रक्षा भंडारी की अगुवाई में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मिले और इस गंभीर समस्या से उनको अवगत करवाया । जिस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रभाव से अधिकारी को निर्देशित किया कि तुरंत प्रभाव से कृष्णावती नदी में बजरी खनन बड़े साधनों द्वारा रोका जावे , एमई को एपीओ किया जाए । इसके बाद लगभग एक महीना तक ठेकेदार द्वारा बजरी खनन रोक दिया गया । लेकिन बड़े दुख के साथ आपको सूचित कर रहे हैं कि पहले से 10 गुना ज्यादा बजरी खनन करीबन दर्जनभर बड़ी फ़ॉकलैंड मशीनों द्वारा खनन हो रहा है अगर इसी तरह खनन चलता रहा तो कृष्णावती नदी में से बजरी खत्म हो जाएगी । जिसके फल स्वरुप नदी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा । सैकड़ो गांवो के अंदर पेयजल की सप्लाई नदी में किए गए नल कुओं से हो रही है , बजरी खत्म होते ही सैकड़ो गांवो में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी और हजारों कुओं की जमीन बिना पानी के बंजर हो जाएगी । पिछले कुछ दिन से सिरोही तहसील के सैकड़ो गांव के लोग भयंकर चिंतित हैं कि मुख्यमंत्री से मिलने के उपरांत भी हमें अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है ऐसी हालत में पलायन की समस्या उत्पन्न हो जाएगी और हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और बिना पानी के लाखों बिघा कृषि भूमि बंजर हो जाएगी ।
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि अल्पवर्ष्टि क्षेत्र में आता है, जहां पर 5 साल में बमुश्किल से एक आध बार अच्छी बारिश होती है जिससे इस नदी पर स्थित चार पांच बांध भरते हैं एवं उनके ओवरफ्लो होने पर नदी में जल प्रवाहित होता है । अतः बजरी नए सिरे से बनना भी संभव नहीं है यह नदी हमारे लिए प्राण दायिनी है । जिसका कोई अन्य विकल्प नहीं है और हमारी मां नदी का चीर हरण होता ही नहीं देख सकते इस समस्या से लोगों में भारी आक्रोश है । जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने का खतरा मंडरा रहा है ।
तीन दिन में खनन नही रुका तो होगा उग्र आंदोलन
ज्ञापन में बताया कि खनन तीन दिवस के भीतर रुकवाया जाए एवं इस लीज को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए तथा भविष्य में भी इस नदी पर किसी भी प्रकार की लीज जारी नहीं किया जाए । राज्य सरकार अपार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय को संज्ञान में लेकर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर खनन पर रोक लगाये अन्यथा हमें मजबूरन व्रहद स्तर पर उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा । जिनकी समस्त जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की रहेगी ।
पूर्वजो ने लगान देकर गुजरात जा रहे पानी को डाइवर्ट करवाया
हमारे पूर्वजो ने सैकड़ो वर्षों पहले सिरोही जिले की पहाड़ी क्षेत्र से आदिवासियों को लगान देकर (अनाज के पाटले) देकर गुजरात जा रहे पानी को हमारे क्षेत्र में डाइवर्ट करवाया था। जिससे फल स्वरुप हमारा सूखाग्रस्त क्षेत्र आज हरा भरा देखने को मिल रहा है हमारे क्षेत्र के सैकड़ो गांव के जल स्रोत का एकमात्र विकल्प कृष्णावती नदी है जिससे क्षेत्र के हजारों कुए रिचार्ज होते हैं राज्य सरकार द्वारा इस कृष्णावती में बजरी खनन की लीज आवंटित की गई है । ज्ञापन में बताया कि तीन दिन में हमारी मांगे पर ध्यान नही दिया तो हमे मजबूरन बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। जिसकी सम्पूर्ण जेमेदारी प्रशासन की रहेगी।
कृष्णवती नदी में हो रहे अवैध बजरी खनन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन
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