◆ कांग्रेस नेताओं के साथ किसानों ने दिए ज्ञापन
जालोर। जिला मुख्यालय पर बारिश में ख़राब हुई फसलों का सर्वे करवाने और मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर किसानों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, आहोर विधानसभा की कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी और पीसीसी सदस्य सवाराम पटेल की मौजूदगी में जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और मुआवजा दिलाने के लिए नारेबाजी की।

ज्ञापन में बताया कि आहोर विधानसभा क्षेत्र में अतिवृष्टि से खराब हुई खरीफ की फसलों का सर्वे करवाने, किसानों को मुआवजा व बीमा क्लेम जल्द से जल्द दिलवाया जाये। इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन सर्वे कार्य करवाने में लेटलतीफी बरती जा रही है। आहोर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश गांवों में फसले संपूर्ण रूप से खराब हो गई हैं। खेतों में बरसाती पानी भरा हुआ है। किसानों को आर्थिक रूप से काफ़ी नुकसान हुआ है। ऐसे में समय रहते फसल खराबें का आकलन जरूरी है। समय पर यानि 72 घंटों में फसल खराबें का सर्वे नहीं होने पर अक्सर सम्बन्धित बीमा कंपनियां किसानों को बीमा क्लेम देने में आनाकानी करती है। जो कि पहले भी कई बार किया जा चुका है। 72 घंटे व्यतीत हो जाने के बाद बीमा कंपनी खराबें की सूचना नहीं मिलने का बहाना बनाती है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। आहोर विधानसभा क्षेत्र समेत पूरे जालौर जिले में जल्द से जल्द फसल खराबें को लेकर सर्वे कार्य तत्परता और तत्काल शुरू करवाया जाए और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थित मॉनिटरिंग के लिए पाबंद किया जाए, ताकि एक भी व्यथित और पीड़ित किसान बीमा क्लेम और मुआवजे से वंचित ना रहे और किसानों का अहित न हो। शीघ्र गिरदावरी करवाकर नुकसान का आकलन कर किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा व बीमा क्लेम दिलवाया जाये। वर्ष 2023 में भी फसल खराबें के आकलन का अभी तक कई किसानों को मुआवजा व बीमा क्लेम नहीं मिला है। इस सम्बन्ध में कई किसानों ने पीड़ा व्यक्त की है। उस राशि को भी जल्द से जल्द किसानों को दिलवाई जाये। इस दौरान किसानो ने जिला कलेक्टर जालोर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मांग की है कि भाद्राजून तहसील के गांव भोरड़ा, बाला, नीलकण्ठ, मोतीसरी, बिजली, घाना, बरवा, रामा, रेवड़ा, तोड़मी, रातानाड़ा सहित सम्पूर्ण तहसील में लगातार व अत्यधिक बारिश से खरीफ की फसले बाजरा, मूंग, ग्वार, तिल, ज्वार और अरण्डी आदि नष्ट हो गई है।
राजस्थान सरकार तुरन्त गिरदावरी करवाकर नुकसान का आंकलन करवाकर किसानों को मुआवजा दे और फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम राशि भी दिलवाए।
किसान भाइयो ने खड़ाई, बुवाई, खाद, बीज, दवाइयो आदि पर काफ़ी धन खर्च किया है। कई किसानो ने बार बार बुवाई की है जिस पर हर बार खर्च करने से खर्च अधिक हुआ है। कई किसानों ने बैंको व सेठ साहूकारो से लोन लेकर खेती की है।
राजस्थान सरकार तुरन्त सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजा व बीमा क्लेम राशि दे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा क्लेम सर्वे के लिए किसानों द्वारा बीमा कंपनी को कॉल करने पर कोई प्रति उत्तर प्राप्त नहीं हो रहा है तथा 72 घण्टे व्यतित हो जाने के बाद बीमा कम्पनी खराबे सूचना नहीं मिलने का बहाना कर किसानों की फसल बीमा क्लेम राशि देने से इनकार कर देगी। जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।
किसानों द्वारा फसल खराबे की सूचना राजस्व अधिकारियों को व फसल बीमा कंपनी को दी गई है लेकिन बीमा कंपनी कोई ध्यान नहीं दे रही है ।ज्ञापन देने के दौरान छोगाराम, पूर्व सरपंच मिश्रीमल चौधरी, खुशालराम, जोराराम, रूपाराम, जोगाराम, रावताराम, अनदाराम, हीराराम, शांतिबेन, मोरकीदेवी, बाबूलाल, डायाराम, खीमाराम, गिरधारीलाल, मांगीलाल, वजाराम सहित अनेक किसान शामिल थे।
